“ताजमहल” के बारे में यह बातें आप नही जानते होंगे !

ताजमहल भारत के उत्तरप्रदेश राज्य के आगरा शहर में बनी एक इतिहासिक इमारत है। आम प्रचलित धारणा यह है कि इसे मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी बेगम मुमताज महल की मौत के बाद उसकी याद में बनवाया था। इस इस पोस्ट में आपको ताजमहल के बारे में कई मजेदार बातें बताएँगे-

1. क्या आप जानते है कि ताजमहल को शांहजहां ने बनवाया था, इस बात का कोई सबूत मौजूद नहीं है।

2. ताजमहल का निर्माण 1632 में शुरू होकर 1653 तक चला। इस तरह ताज महल बनने में 22 साल लगे। भारत के इलावा फारस और तुर्की के मज़दूर भी थे।

3. Taj Mahal के हर नीव वाले कोने में एक-एक मीनार है। यह चारों मीनारे मक़बरे को संतुलन देती हैं।

4. यह चारों मीनारे 41.6 मीटर ऊँची हैं और इन्हें बाहर की ओर हल्का सा झुकाव दिया गया है ताकि यह मीनारें भुकंप जैसी आपदा में मक़बरे पर न गिरकर बाहर की ओर गिरें।

5. दूसरे विक्ष्व युद्ध, 1971 के भारत-पाक युद्ध और 9/11 के बाद ताज महल की सुरक्षा के लिए इसके गुंबद के चारों ओर बांस का सुरक्षा घेरा बनाकर इसे हरे रंग की चादर के साथ ढ़क दिया गया था ताकि यह दुश्मनों की नजरों से बचा रहे।

6. ताजमहल यमुना नदी के किनारे बना हुआ है। ताजमहल का आधार एक ऐसी लकड़ी पर बना हुआ है जिसे मजबुत बनाए रखने के लिए नमी की आवश्यकता होती है। इस नमी को पास में बहने वाली यमुना नदी ही बनाए रखती है।

7. Taj Mahal को 28 तरह के कीमती पत्थरों से सजाया गया था जो कई देशों से लाए गए थे। इन वेश-कीमती पत्थरों को अंग्रेजों ने निकाल लिया था।

8. जब ताजमहल बनाया गया था तो इस पर लगभग 3 करोड़ रूपए खर्च हुए थे। उस समय के तीन करोड़ आज के 63 अरब 77 करोड़ के बराबर हैं।

9. ताजमहल को जाने वाले मुख्य मार्गों के बीच जो फव्वारे लगे है वह किसी पाइप से नही जुड़े हुए अपितु हर फव्वारे के नीचे तांबे का एक टैंक है। यह सभी टैंक एक ही समय पर भरते है और दबाब बनने पर एक साथ ही पानी छोड़ते हैं।

10. ताजमहल को देखने हर साल 40 लाख लोग आते हैं। इस में से 70 फीसदी ही भारतीय होते हैं।

11. क्या आपको पता है शांहजहां Taj Mahal जैसी ही एक काली इमारत बनाना चाहता था जिससे वे ताजमहल की खुबसुरती को देख सके। पर शाहजहां को जब उसके बेटे औरंगजेब ने कैद कर लिया तो उसका ये सपना बस सपना ही रही गया।

13. बुलंदशहर के एक मजदूर ने अपनी पत्नी की याद में ताजमहल की नकल बनाने का प्रयास किया है। हांलाकि अपनी गरीबी के कारण वह इसे पूरा नही बना सका।

हिंदू पक्ष के दावे।

अब आपको ताजमहल को लेकर हिंदू पक्ष के दावों के बारे में बताते हैं।

1. हिंदू पक्ष के अनुसार ताजमहल वास्तव में शिव मंदिर है जिसका असली नाम तेजोमहालय है।

2. आम तौर पर समझा जाता है कि ताजमहल नाम मुमताजमहल, जो कि वहां पर दफन की गई थी, के कारण पड़ा। यह बात दो कारणो के कारण ठीक नही बैठती – पहली तो यह कि शांहजहां की बेगम का ना मुमताजमहल नही था, और दूसरा यह कि किसी इमारत का नाम रखने के लिए मुमताज नामक महिला के नाम से ‘मुम‘ को हटा देने का कुछ मतलब नही निकलता।

3. ताजमहल शब्द के अंत में आये ‘महल’ मुस्लिम शब्द है ही नहीं, अफगानिस्तान से लेकर अल्जीरिया तक किसी भी मुस्लिम देश में एक भी ऐसी इमारत नहीं है जिसे कि महल के नाम से पुकारा जाता हो।

4. भारतवर्ष में 12 ज्योतिर्लिंग है। ऐसा प्रतीत होता है कि तेजोमहालय उर्फ ताजमहल उनमें से एक है जिसे कि नागनाथेश्वर के नाम से जाना जाता था क्योंकि उसके जलहरी को नाग के द्वारा लपेटा हुआ जैसा बनाया गया था। जब से शाहज़हां ने उस पर कब्ज़ा किया, उसकी पवित्रता और हिंदुत्व समाप्त हो गई।

5. चूँकि महिला का नाम मुमताज़ था जो कि ज़ अक्षर मे समाप्त होता है न कि ज में (अंग्रेजी का Z न कि J), भवन का नाम में भी ताज के स्थान पर ताज़ होना चाहिये था (अर्थात् यदि अंग्रेजी में लिखें तो Taj के स्थान पर Taz होना था जैसा कि उर्दू में ज के लिए J नही Z का उपयोग किया जाता है)।

इसके सिवाए श्री पी.एन.ओक ने अपनी पुस्तक ‘ताजमहल इज़ ए हिंदू टेंपल‘ में 100 से भी अधिक दलीलों का हवाला देकर दावा करते हैं कि ताजमहल एक शिव मंदिर था जो कि 12 ज्योतिलिंग में से एक था।

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